हौज़ा न्यूज़ एजेंसी की रिपोर्ट के अनुसार, इस कार्यक्रम में विद्वानों, सामाजिक कार्यकर्ताओं, युवाओं, बुजुर्गों, नागरिक समाज के सदस्यों, व्यापारियों और प्रशासनिक अधिकारियों ने बड़ी संख्या में भाग लिया।

वक्ताओं ने लेफ्टिनेंट गवर्नर मनोज सिन्हा द्वारा शुरू किए गए 'नशा मुक्त अभियान' को एक सकारात्मक और सही समय पर उठाया गया कदम बताते हुए कहा कि यह अभियान युवा पीढ़ी को नशे की लानत से सुरक्षित रखने और जम्मू-कश्मीर को नशा मुक्त समाज बनाने की दिशा में एक मजबूत कदम है।
कार्यक्रम में मौलाना सैयद मुज़फ्फर रज़वी, हुज्जतुल-इस्लाम मौलाना शहनवाज हैदर मीर और अन्य धार्मिक एवं सामाजिक हस्तियों ने भी भाग लिया।

सभा को संबोधित करते हुए प्रसिद्ध इस्लामी विद्वान शेख मोहम्मद हसन ज़ाकिरी ने समाज में बढ़ती नशे की लानत पर गहरी चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि नशीली वस्तुएं युवा पीढ़ी के भविष्य को नष्ट कर रही हैं और समाज के नैतिक एवं सामाजिक ढांचे को कमजोर कर रही हैं।
शेख ज़ाकिरी ने युवाओं पर जोर दिया कि वे नशे से दूर रहें और शिक्षा, धर्म, अनुशासन तथा स्वस्थ जीवनशैली को अपनाएँ। उन्होंने कहा कि इस सामाजिक बुराई के अंत के लिए माता-पिता, धार्मिक संस्थानों, शिक्षकों, व्यापारियों, नागरिक समाज और प्रशासन को मिलकर प्रभावी कदम उठाने होंगे।

उन्होंने जम्मू-कश्मीर में शराब पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने की अपील करते हुए कहा कि शराब और सिगरेट दोनों ही समाज के लिए विनाशकारी हैं। शेख ज़ाकिरी ने कहा कि सिगरेट पीने और अन्य नशीली वस्तुओं की हतोत्साहना तथा उनकी प्रभावी रोकथाम समय की महत्वपूर्ण आवश्यकता है, ताकि युवा पीढ़ी को विनाश और नशे की लानत से बचाया जा सके।
उन्होंने माता-पिता से अपील की कि वे अपने बच्चों की गतिविधियों पर नज़र रखें और उन्हें सकारात्मक एवं रचनात्मक कार्यों की ओर आकर्षित करें।

उन्होंने विद्वानों, व्यापारियों, सामाजिक प्रतिनिधियों और आम जनता से भी अपील की कि वे सामूहिक रूप से युवाओं को नशे तथा अन्य हानिकारक आदतों से सुरक्षित रखने में अपनी सक्रिय भूमिका निभाएँ।
शेख ज़ाकिरी ने कहा कि 'नशा मुक्त अभियान' जैसे जागरूकता कार्यक्रम युवा पीढ़ी को सकारात्मक और जिम्मेदाराना रास्ते की ओर मार्गदर्शन प्रदान करते हैं।
उन्होंने सामाजिक एवं धार्मिक संस्थाओं से अपील की कि वे जमीनी स्तर पर जागरूकता अभियान को और मजबूत करें और पूरे जम्मू-कश्मीर में नशा विरोधी गतिविधियों को निरंतर जारी रखें।

कार्यक्रम के वक्ताओं ने एकता, जनभागीदारी और साझा जिम्मेदारी के महत्व पर जोर देते हुए कहा कि एक बेहतर और नशा मुक्त समाज के निर्माण के लिए सभी को मिलकर काम करना होगा।
यह कार्यक्रम 'मआरिफुल उलूमिल इस्लामिया खानपुरा खाग' के प्रबंधन तथा 'आल जम्मू एंड कश्मीर शिया एसोसिएशन' के सहयोग से आयोजित किया गया था।
प्रतिभागियों ने इस सार्थक जागरूकता अभियान के आयोजन के लिए आयोजकों की सराहना की।

कार्यक्रम के अंत में 'मआरिफुल उलूमिल इस्लामिया खानपुरा खाग' की प्रबंधन समिति और आयोजक गुलाम मोहम्मद खानपुरा ने सभी विद्वानों, अतिथियों, स्वयंसेवकों, नागरिक समाज के सदस्यों तथा प्रतिभागियों का धन्यवाद किया, जिन्होंने कार्यक्रम को सफल और प्रभावी बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

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